विज्ञान के चमत्कार पर निबंध – Vigyan Ke Chamatkar Par Nibandh in Hindi

विज्ञान के चमत्कार पर निबंध हिंदी में

विज्ञान का अर्थ है — प्राकृतिक शक्तियों का विशेष ज्ञान ज्ञान जब श्रृंखला की कड़ियों में गुँथ जाता है, तो विज्ञान की सृष्टि होती है। विज्ञान कार्य-कारण के धागे में बँधा होता है।

ज्ञान चेतना का विज्ञान है और विज्ञान शक्ति का ज्ञान है। ज्ञान परिचय है और विज्ञान शक्ति । ज्ञान चेतना है और विज्ञान उस चेतना के फल का भोग । ज्ञान जिज्ञासा की तृप्ति है और विज्ञान उस तृप्ति का प्रयोजन। विज्ञान का धरातल प्रयोजन का है, भौतिक क्षेत्र में सुख-सुविधा और समृद्धि की उपलब्धि है।

विज्ञान के साथ मानव जीवन का घनिष्ठ संबंध है। विज्ञान के चामत्कारिक आविष्कारों के प्रभाव से सारा संसार घर-आँगन-सा प्रतीत होने लगा है। विज्ञान ने ‘समय’ और ‘दूरी’ पर अधिकार कर लिया है।

आज विज्ञान द्वारा रेल, मोटर, ट्राम, जलयान, वायुयान, रॉकेट और अंतरिक्ष यान बनाये जा चुके हैं जिनके द्वारा दो स्थानों के बीच की दूरी समाप्त हो गई है।

जिन स्थानों की यात्रा मनुष्य महीनों और वर्षों के अथक श्रम के बाद पूरी करता था, अब इन स्थानों की यात्रा घंटों और मिनटों में पूरी हो जाती है। आज विज्ञान ने अपना पद चिह्न चाँद पर अंकित कर दिया है और उनके चरण बृहस्पति, मंगल एवं शुक्र ग्रहों की ओर बढ़ रहे हैं। इतना ही नहीं, विज्ञान ने हमें वायरलेस, टेलीफोन, रेडियो एवं टेलीविजन दिये हैं, जिनके द्वारा संसार भर का समाचार घर-बैठे प्राप्त कर सकते हैं।

अपने कमरे में लगे टेलीविजन पर हम संसार के दुर्लभ दृश्यों को भी देख सकते हैं। चलचित्र हमारे मनोरंजन का सबसे बड़ा साधन है। अणुवीक्षण यंत्र के द्वारा हम सूक्ष्मातिसूक्ष्म अदृश्य पदार्थों को भी देखने की सामर्थ्य प्राप्त कर चुके हैं। तार, टेलीफोन, टेलीप्रिंटर, बेतार के तार, मुद्रण यंत्र, एक्स-रे आदि विज्ञान का अद्भुत चमत्कार है।

विज्ञान के चलते ही आज दुनिया का कोई रोग असाध्य नहीं रह गया है। कम्प्यूटर का आविष्कार तो आधुनिक युग का सबसे अद्भुत आविष्कार है। कम्प्यूटर यद्यपि मानव मस्तिष्क की ही उपज है, किन्तु मानव मस्तिष्क की अपेक्षा इसमें सोचने की क्षमता कई लाख गुना अधिक । यह मानव के लिए प्रायः सभी क्षेत्रों में सर्वाधिक उपयोगी है।

विज्ञान ने बिजली के रूप में मनुष्य को एक महान शक्ति प्रदान की है। शक्ति के अन्य विभिन्न साधन भी विज्ञान की ही देन है। इस प्रकार शिक्षा का क्षेत्र हो या कृषि का या उद्योग का, मानव जीवन के लिए विज्ञान अत्यधिक उपयोगी है।

विज्ञान के उपर्युक्त सभी चमत्कारों को उनके व्यवहार ही निर्देशित करते हैं कि वे मानवता के लिए हितकर है या अहितकर ।

एक ओर विज्ञान ने अगर मनुष्यता के लिए सुख और सुविधाओं का अम्बार लगा दिया है, तो दूसरी ओर उसने मानवता को विनाश के रास्ते पर भी ला खड़ा किया है। इसी के चलते आज सम्पूर्ण संसार बारूद के ढेर पर बैठा हुआ प्रतीत हो रहा है। मनुष्यों ने विगत दो विश्वयुद्धों का ताण्डव देखा है।

हिरोशिमा और नागाशाकी की घटनाओं को भी नहीं भुलाया जा सकता है। इसने मानवता की पराजय और दानवता की विजय का सेहरा अपने सिर बाँध रखा है। भोपाल और चेरनोबिल की विनाशलीला भी विज्ञान के ही चमत्कार थे, जिसकी लपेट में आकर हजारों निरपराध लोगों ने जान गँवाई ।

आज का मनुष्य विज्ञान से ही जी रहा है और उसी से अपनी मृत्यु का साधन भी जुटा रहा है। विज्ञान के प्रभाव से मनुष्य हृदयहीन ‘रोबोट’ बनता जा रहा है।

Final Thoughts –

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