आयकर विभाग से नोटिस मिलना हर किसी के लिए परेशानी की बात होती है | ऐसा होने पर अक्सर लोग घबरा जाते है और मामले को संभालने के लिए एजेंट को ज्यादा पैसे देने के लिए भी तैयार हो जाते है | इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से नोटिस मिलने के कई कारण हो सकते है|अगर आप इस दिशा में जरा ध्यान दे और आयकर विभाग को गंभीरता से ले, तो आप आने वाली परेशानी और दंड से आसानी से बच सकते है | आज मैं आपको 10 सामान्य कारण बताने जा रहा हूँ जिनसे आपको आयकर विभाग से नोटिस मिल सकता है |

1. इनकम टैक्स देरी से या न फाइल करना

अगर आपने इनकम टैक्स आखरी तारीख के बाद या फिर फाइल नहीं की है, तो आपको
आयकर विभाग से नोटिस मिल सकता है | यह नोटिस आपको असेसमेंट ईयर के खत्म होने से पहले मिलेगी |

अगर आपकी कमाई टैक्स स्लैब के अंदर आती है, तो आपको सेक्शन 139(1) के अंतर्गत IT Return फाइल करना जरुरी है | यह नोटिस एक ऑटोमेटेड रिमाइंडर होगी जिसके बाद यदि आप आखरी तारीख के पहले अपना काम कर लेते है तो आपको कोई पेनल्टी नहीं देनी होगी |

इसके साथ यदि आप रिटर्न आखरी तारीख के बाद फाइल करते है तो आपको सेक्शन 142(1)(i) के अंतर्गत नोटिस और पेनल्टी का सामना करना पड़ सकता है |

02. सही आय विभाग से छुपाना

आपको अपनी सही आय इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को बताना बहुत जरुरी है | आयकर विभाग
विभिन्न श्रोत जैसे बैंक, कंपनी जहाँ आप काम करते है, अन्य देश आदि से प्राप्त करती है | यदि आप अपनी सही इनकम रिटर्न में नहीं बताएंगे तो आपको नोटिस मिलने की संभावना बढ़ जाएगी |

3. TDS क्लेम Form 26AS के साथ न मिलना

यदि आप IT Return फाइल करते वक़्त TDS claim करते है तो रिफंड अमाउंट का Form 26AS, Form 16/Form 16A से टैली करना बहुत जरुरी है | किसी भी तरह की मिसमैच होने पर आपको सेक्शन 143(1) के तहत नोटिस मिल सकता है | इसलिए अगर आपका TDS किसी ने काटा है तो रिटर्न फाइल करने से पहले Form 26AS में जाकर टोटल अमाउंट जरूर चेक कर ले |

4. पति या पत्नी के नाम पर किए गए निवेश को IT रिटर्न में न show करना

आयकर विभाग के नियमों के अनुसार यदि अपनी कमाई से आपने पति या पत्नी के नाम पर निवेश किया है, तो उस निवेश के मिलने वाला लाभ आपको रिटर्न फाइल करते वक़्त दिखाना होता है | यह एक taxable Income होता है जिसे छुपाने पर आयकर विभाग सेक्शन 143(2) के अंतर्गत आपको नोटिस भेज सकता है |

5. गलत रिटर्न फाइल करना

इनकम टैक्स फाइल करते वक़्त सही फॉर्म का चयन करना बेहद जरुरी है | गलत फॉर्म में रिटर्न फाइल करने पर आपको इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 139(9) के अंतर्गत नोटिस मिल सकता है | यह नोटिस मिलने पर आपको 15 दिनों के अंदर सही IT Return फाइल करना जरुरी है |

6. हाई वैल्यू ट्रांज़ैक्शन करना

अगर आपने किसी असेसमेंट ईयर में कोई हाई वैल्यू ट्रांज़ैक्शन किया है जैसे कोई मोटी रकम का निवेश या फिर कोई प्रॉपर्टी खरीदना, और रिटर्न फाइल नहीं किया तो आयकर विभाग आपको कमाई का ब्यौरा साझा करने के लिए नोटिस भेज सकता है |

इस नोटिस का जवाब आपको 21 दिन में देना होगा | यदि आप IT रिटर्न के जरिए आयकर विभाग को सारी जानकारी सही देते है, तो आपका केस बंद हो जाएगा, वरना आप पर कार्यवाही और दंड का सामना करना पड़ सकता है |

7. यदि आपका IT Return दंड के लिए चुना जाए

कई बार जाने-अनजाने में लोग इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते वक़्त गलतियां कर देते है, और
इसका बड़ा खामियाज़ा उनको भुगतना पड़ता है | यदि Assessing Officer को आपके रिटर्न में
कुछ गलतियां मिलती है तो आपको सेक्शन 143(2) के अंतर्गत नोटिस मिल सकता है |

ऐसा होने पर आप सबसे पहले आखरी तारीख पर ध्यान दे | इसके बाद प्लान करे कि इस
नोटिस का जवाब आप खुद से देना चाहते है या किसी Chartered Accountant की मदद लेना
चाहते है | याद रखे, यदि आप इस नोटिस का जवाब आखरी तारीख से पहले नहीं देते है, तो
आयकर विभाग आपको ₹10,000 का पेनल्टी लगा सकता है |

8. Long Term Capital Gain (LTCG) का ब्यौरा सही से पेश नहीं करना

IT Return फाइल करते वक़्त आपको कुछ खास equity और equity से जुड़े mutual funds के
long-term capital gains (LTCG) को रिपोर्ट करना जरुरी है | नियमों के अनुसार किसी भी
असेसमेंट ईयर में LTCG अमाउंट एक लाख रुपये से ऊपर होने पर आपको 10% Securities
Transaction Tax (STT) देना होता है |

अगर आपको LTCG रिपोर्टिंग करने में परेशानी होती है, तो आप किसी प्रोफेशनल की मदद ले
सकते है | इस मामले में लापरवाही करने पर आयकर विभाग सेक्शन 143(3) के तहत आपको
नोटिस भेज सकता है |

9. Tax Payable pending होने के बावजूद refund claim करना

अगर आपने IT रिटर्न में रिफंड क्लेम किया है और पुराना Tax pay करना पेंडिंग है, तो
Assessing अफसर (A.O) सेक्शन 245 के तहत आपको नोटिस भेज सकता है | इस नोटिस में
ज्यादातर आयकर विभाग आपके बकाया टैक्स को रिफंड के साथ adjust करने का सुझाव देता
है |

10. पुराने IT Returns में गलतियां होने पर

अगर आपने पुराने इनकम टैक्स रिटर्न्स में अपनी कमाई का पूरा ब्यौरा पेश नहीं किया है, या फिर कुछ गलतियां की है, तो इसका खामियाज़ा आपको भविष्य में भी भुगतना पड़ सकता है |

आयकर विभाग के पास आपके सभी रिटर्न्स की कॉपी होती है और उन्हें re-assessment करने का पूरा अधिकार है | यदि इस दौरान उन्हें कोई त्रुटि मिलती है, तो विभाग आपको सेक्शन 148 के अंतर्गत नोटिस भेज सकता है | इसलिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते वक़्त हमेशा सही और पूरी जानकारी दे |

यह थे कुछ आम कारण जिनकी वजह से आयकर विभाग आपको नोटिस भेज सकता है | मुझे उम्मीद है इस आर्टिकल में बताई गई बातें आपको समझ में आ गई होगी | हर छेत्र की तरह आयकर विभाग ने भी समय के साथ काफी तरक्की कर ली है | इसलिए आपको रिटर्न फाइल करते वक़्त इन बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए | अगर आपको कोई सवाल है तो निचे कमेंट में जरूर पूछे |