सर्दियों का मौसम बहुत सुहाना होता है लेकिन यह अपने साथ कई बीमारियां भी लेकर आता है। इस मौसम में तापमान में गिरावट और हवा में बदलाव के कारण सेहत पर इसका असर पड़ता है। अगर आप पहले से ही स्वास्थ्य समस्याओं से घिरे हैं तो सर्दी में आपकी परेशानी और बढ़ सकती है।
दरअसल सर्दियों में हवा ठंडी और शुष्क होती है और घने कुहरे के कारण हवा में एलर्जेंस और वायरस की संख्या बढ़ जाती है जिसके कारण त्वचा संबंधी समस्याओं के अलावा सर्दी खांसी सहित कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है। इससे बचने के लिए हमें मौसम के अनुकूल अपनी बॉडी और हेल्थ की देखभाल करने की जरूरत पड़ती है। आइये जानते हैं सर्दियों में किस तरह की स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं और इनसे कैसे बचना चाहिए।

1. ड्राई स्किन और उससे बचने के उपाय:

यह सर्दी के मौसम में होने वाली सबसे आम स्वास्थ्य समस्या है। त्वचा शुष्क होने के कारण फटने लगती है और इसमें से खून निकलने के साथ ही इंफेक्शन और दर्द भी होता है। कभी कभी स्किन इतनी ज्यादा ड्राई हो जाती है कि मृत त्वचा निकलने लगती है।

ड्राई स्किन से बचने के उपाय:

  • इससे बचने के लिए सर्दी में साबुन और फेसवॉश का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए और त्वचा को अच्छी तरह मॉश्चराइज करना चाहिए ताकि त्वचा की नमी बनी रहे।
  • इसके अलावा रोजाना पेट्रोलियम जेली, बॉडी ऑयल और लोशन का उपयोग करके इससे बचा जा सकता है।

2. जोड़ों में दर्द और उससे बचने के उपाय:

सर्दियों में विशेषरुप से यह समस्या आर्थराइटिस के मरीजों को होती है। मौसम में परिवर्तन और तापमान गिरने के कारण जोड़ों का दर्द बढ़ जाता है। इससे उठने बैठने में काफी तकलीफ होती है।

जोड़ों के दर्द से बचने के उपाय:

  • जोड़ों के दर्द से बचने के लिए सर्दियों में हमेशा गर्म कपड़े पहनकर रहना चाहिए।
  • खासतौर पर आर्थराइटिस के मरीजों को अपना सिर, हाथ और पैर खुला नहीं रखना चाहिए और शरीर को गर्म रखने की पूरी व्यवस्था करनी चाहिए।
  • इसके अलावा सर्दी में भी नियमित एक्सरसाइज करना चाहिए। पर्याप्त एक्सरसाइज न करने के कारण इस मौसम में जोड़ों का दर्द बढ़ सकता है।

3. अस्थमा और उससे बचने के उपाय:

इस मौसम में अस्थमा का अटैक बढ़ जाता है। इसलिए सर्दियों में अस्थमा से पीड़ित लोगों को अपनी विशेष देखभाल करनी चाहिए। वास्तव में सर्दियों में एलर्जी उत्पन्न करने वाले तत्व बहुत ज्यादा मात्रा में हवा में मौजूद होते हैं। इस हवा में सांस लेने से अस्थमा के मरीजों की तकलीफ बढ़ जाती है।

अस्थमा से बचने के उपाय:

  • इससे बचने के लिए एयर प्यूरीफाइंग मास्क लगाकर घर से बाहर निकलना चाहिए और धूल मिट्टी से बचना चाहिए।
  • अपने हाथों को साबुन से साफ करने के बाद ही नाक या कान को छूना चाहिए। इसके साथ ही अस्थमा की दवा भी नियमित लेनी चाहिए।

4. सर्दी-जुकाम और उससे बचने के उपाय:

सर्दी में लगभग हर व्यक्ति सर्दी जुकाम से पीड़ित रहता है। इस मौसम में हवा ठंडी और शुष्क होती है और फ्लू वायरस भी हवा के माध्यम से ही फैलते हैं। इसके अलावा इम्यून सिस्टम भी कमजोर हो जाता है और पर्याप्त धूप न मिलने के कारण शरीर में विटामिन डी की कमी हो जाती है। जिसके कारण सर्दी जुकाम बहुत आसानी से हो जाता है। बड़ों के साथ बच्चे भी इस मौसम में बहुत जल्दी सर्दी जुकाम पकड़ता है।

सर्दी जुकाम से बचने के उपाय:

  • इससे बचने के लिए पर्याप्त पानी पीना चाहिए और संतुलित आहार लें।
  • अपने खानपान में विटामिन सी से भरपूर चीजें जैसे कि संतरे, आंवले और अन्य खट्टे फलों का सेवन बढ़ा दें।
  • गर्मी से आकर तुरंत फ्रिज का ठंडा पानी या आइसक्रीम का सेवन ना करें। रोजाना कुछ देर एक्सरसाइज ज़रूर करें।

5. हार्ट अटैक और उससे बचने के उपाय:

सर्दियों में तापमान गिर जाता है और जब हमारी बॉडी ठंड के संपर्क में आती है तो रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं। इस दौरान कोई भारी फिजिकल एक्टिविटी करने से हृदय पर बहुत अधिक दबाव पड़ता है विशेषरुप से तब जब आप बॉडी में खून को पंप करने और अपने शरीर को गर्म रखने के लिए पहले से ही एक्सरसाइज कर चुके हों। इसके अलावा यदि आप पहले से ही हृदय रोगों से पीड़ित हैं तो इस मौसम में आपकी समस्या अधिक बढ़ सकती है।

हार्ट अटैक से बचाव के उपाय:

  • इससे बचने के लिए गर्म कपड़ों से खुद को ढककर रखना चाहिए और बहुत बर्फीली हवा में घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए।
  • रोजाना कार्डियो एक्सरसाइज ज़रूर करें और पौष्टिक आहार लें।
  • खाने में दाल और हरी सब्जियों का सेवन बढ़ा दें।

6. हाथ पैर ठंडे पड़ना और उससे बचने के उपाय:

सर्दी के मौसम में जब बॉडी का टेम्परेचर 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिर जाता है तो इस अवस्था को हाइपोथर्मिया कहा जाता है। शरीर का तापमान घटने पर हाथ पैर बहुत ठंडे पड़ जाते हैं और कई बार सांस लेने में भी तकलीफ होती है। बॉडी टेम्परेचर घटने के कारण हार्ट बीट बढ़ जाती है और ब्लड प्रेशर घट जाता है। इसके अलावा हाथ और पैरों की उंगलियां ठंड के कारण सिकड़ जाती हैं और लाल एवं सफेद पड़ जाती है। इसकी वजह से काफी खुजली और उंगलियों में अकड़न होती है। अगर शरीर का तापमान लगातार घटता रहे तो ठंड के कारण व्यक्ति की मौत भी हो सकती है।

हाथ पैर की ठंडक से बचाव के उपाय:

  • इससे बचने के लिए गर्म कपड़े पहनें और गर्म तेल से शरीर की मालिश करें। रात में सोने से पहले हल्का गर्म हादी वाला दूध पिएं।

7. वजन बढ़ना और उससे बचने के उपाय:

वैसे तो वजन बढ़ने का कोई मौसम नहीं होता है लेकिन सर्दियों के मौसम में कम फिजिकल एक्टिविटी और एक्सरसाइज के कारण वजन बढ़ना एक आम समस्या है। इस मौसम में आलस के कारण ज्यादातर लोग योगा क्लास और जिम जाना बंद कर देते हैं। जिसके कारण शरीर पर चर्बी जमा होने लगती है और मोटापा बढ़ जाता है।

वजन कम करने के उपाय:

  • वजन घटाने के लिए खाना खाने के बाद कुछ देर तक टहलना चाहिए, रोजाना आधे घंटे तक एक्सरसाइज करना चाहिए और अधिक देर तक एक ही जगह पर नहीं बैठे रहना चाहिए।
  • खाने में फाइबर युक्त फलों का सेवन बढ़ा दें। तली भुनी और मसालेदार चीजों का सेवन बिल्कुल बंद कर दें।

सर्दियों में आमतौर पर ज्यादातर लोग इन सभी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करते हैं। इसलिए इस मौसम में आपको अपनी बेहतर देखभाल करनी चाहिए और इन समस्याओं से बचने के लिए ऊपर दिए गए सभी उपायों को आजमाना चाहिए।