तंबाकू एक ऐसा नशीला पदार्थ है जिसकी लत लग जाए तो वह आसानी से नहीं जाती। तंबाकू कई प्रकार में उपलब्ध होता है-जैसे कि बीड़ी, सिगरेट, गुटका, खैनी, हुक्का आदि। तंबाकू में मौजूद पदार्थ निकोटीन लोगों को इसका आदी बनाता है। तंबाकू के सेवन से मुंह का कैंसर, गले का कैंसर, फेफड़ों में गंभीर बीमारी, श्वास संबंधी समस्या उत्पन्न होती हैं। लोग इस बात को जानते हैं लेकिन फिर भी वह तंबाकू का सेवन लगातार करते रहते हैं। हर साल इसके द्वारा जनित बीमारियों के कारण कई लोगों की मौत होती है तो कई इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होते है। आज हम बात करेंगे कि कैसे और क्यों लोग इसका शिकार बनते जा रहे हैं और किस तरह तंबाकू की लत को छोड़ा जाए।

कैसे बनता है कोई तंबाकू का आदी?

मनुष्य वही सीखता और अपनाता है जो वह समाज में देखता है। कई बार दोस्तों के दबाव में आकर तो कभी बस एक बार का अनुभव लेने की मंशा से मनुष्य तंबाकू का किसी रूप में सेवन करता है। तो वहीं कुछ ऐसे भी है जिन्होंने परिवार के सदस्यों को तंबाकू का सेवन करते देखा है, सो अब वे भी करने लगे हैं। ऐसा करने से निकोटीन के कारण उसके दिमाग में कुछ केमिक्ल रिएक्शन होते हैं जो उसे सुखद अनुभव की अनुभूति देते हैं। एक बार इस अनुभव के मिलने के बाद मनुष्य के मन में बार-बार इस अनुभव को दोबारा जीने की जिज्ञासा जागने लगती है और वह धीरे-धीरे अनजाने में इसका आदी बनता जाता है। खैनी खाने वालों के मामलों में तो ऐसा देखा गया है कि कुछ लोग तो रात में भी खैनी मुंह में दबा कर सोते हैं, तो वहीं सिगरेट की लत वाले लोग एक सिगरेट के बुझते ही दूसरी जला देते हैं। कुछ तो सिर्फ सिगरेट की तरफ इसलिए खींचें चले आए हैं क्योंकि उन्हें हवा में उड़ते धुएं के छल्ले बड़े अच्छे लगते हैं। केवल स्टाइल मारने के लिए वह अपने अंगों के स्वास्थ्य को मारने को तैयार हैं।

आखिर क्यों कहें तंबाकू को अलविदा?

तंबाकू में मादकता या उतेजना देने वाला मुख्य घटक निकोटीन है और यही तत्व सबसे ज्यादा घातक भी है। इसके अलावा तंबाकू में बहुत से कैंसर उत्पन्न करने वाले तत्व पाए जाते हैं। धूम्रपान एवं तंबाकू के सेवन से मुंह, गला, श्वासनली व फेफड़ों का कैंसर होता है। साथ ही दिल की बीमारियां, उच्च रक्तचाप, पेट का अल्सर, एसिडिटी, अनिद्रा आदि रोगों की संभावना भी तंबाकू उत्पादों के सेवन से बढ़ती है।

तंबाकू की लत छोड़ने के 10 उपाय:

1. निकोटीन रिपलेसमेंट थेरापी:

आपको यह बात ध्यान में रखनी होगी कि आप एकाएक तंबाकू की लत को नहीं छोड़ सकते। आप धीरे-धीरे इसकी मात्रा को कम कर सकते हैं। इस थेरापी में हम उन उत्पादों के सेवन की बात करेंगे जो आपको एकाएक निकोटीन छोड़ने पर मजबूर नहीं करेंगे क्योंकि इनके अंदर खुद निकोटीन होता है, परंतु बहुत कम मात्रा में। यह उत्पाद आप आसानी से किसी भी मेडिकल स्टोर से खरीद सकते हैं। इनमें निकोटीन इनहेलर, नेज़ल स्प्रे, च्वीइंग गम आदि शामिल हैं। यह आपकी दैनिक निकोटीन सेवन की मात्रा को कम करने में मदद करेंगे।

2. आदतों में बदलाव:

अपनी उन आदतों को पहचाने जहां आपको तंबाकू का सेवन करने की तलब लगती है। जैसे कि जब आप तनाव में होते है, फोन पर बात करते समय सिगरेट पीना, पार्टी या बार में तलब का उठना। ऐसे समय के लिए हमेशा कुछ प्लैन तैयार करें कि तलब लगने पर आप क्या करेंगे। मसलन फोन पर है तो सिगरेट की जगह कोई कागज पर चित्र बनाने में अपना ध्यान लगाएं ताकि तलब ना उठे। बार में अकेले बैठे होते है और तलब लगती है तो ऐसे हालात में किसी से बातचीत कर खुद को व्यस्त कर लें। इस तरह आप अपनी तलब पर काबू पा सकेंगे।

3. तलब का बहुत ज़्यादा उठना :

मान लीजिए आपको तंबाकू की अचानक ही बहुत तेज तलब उठ जाती है और आपको लगता है कि आप तंबाकू छोड़ने के निश्चय से दूर हो जाएंगे, तो थोड़ा समय दिमाग को दें और सोचें कि इस हालात में आप ऐसा क्या कर सकते हैं जिससे यह तलब रुक जाए। समझे कि आप ऑफिस में है और तलब लग गईं, तो आप ऐसे किसी सहयोगी के पास चले जाए जो तंबाकू सेवन ना करता हो और उससे बात करने लगें, इससे आपका ध्यान तलब की तरफ से हट जाएगा और आप सेवन नहीं करेंगे।

4. खाने से करें तलब को दूर:

अपने साथ हमेशा कुछ निकोटीन च्वीइंग गम या कुछ चबाने वाली चीज़ रखें, जिससे जैसे ही आपको तलब लगे आप फौरन उसे खाना शुरु कर लें ताकि आपका ध्यान उस तरफ से हट सके।

5. एक बार भी तंबाकू का सेवन न करे:

इस जुमले को अपने तंबाकू छोड़ने के लक्ष्य के बीच कभी न आने दें। क्योंकि यदि आपने एक बार भी तंबाकू का सेवन कर लिया तो आप फिर दोबारा उसी राह पर चले जाएंगे जहां से आप खुद को खींच कर यहां तक लाए थे।

6. शारीरिक गतिविधि

तंबाकू की लत छोड़ने के सफर में सबसे अहम चीज़ होती है अपनी तलब पर काबू पाना, यदि आप इसमें सक्षम हो जाते है तो आप हर हाल में तंबाकू छोड़ सकते हैं। इसी कड़ी में यदि आपको किसी समय तलब लगती है तो कोई शारीरिक गतिविधि करें जैसे सीढ़िया उतरना-चढ़ना या कुछ और जिससे आपका सारा ध्यान गतिविधि की ओर हो जाए।

7. ध्यान लगाएं:

कुछ लोगों का कहना होता है कि वे जब तनाव में होते है तो तंबाकू का सेवन करते हैं, लेकिन अगर परिस्थिति ही उलट हो तो। जैसे कि आप भी पहले तनाव में तंबाकू का सेवन करते थे पर अब आप तंबाकू छोड़ने की कोशिश कर रहे हैं और इसी दौरान आप तनाव में आ जाएं तो क्या करेंगे। ऐसे में आप ध्यान लगाएं, गहरी सांसे लें, शांत करने वाला संगीत सुनें या आप योगा भी कर सकते हैं।

8. मदद की गुहार:

मदद की गुहार यानि आपके वे साथी जो आपकी इस लत को छुड़वाने में आपकी मदद कर सकते हैं। अपने कुछ ऐसे मित्र बनाएं और उनसे बात करें जो आपकी इस लत को दूर करने के लिए आपको प्रोत्साहित करें। इससे दो काम होंगे पहला और अहम कि बात करने के दौरान आपका ध्यान तलब की तरफ नहीं जाएगा, दूसरा आपको तंबाकू छोड़ने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

9. ऑनलाइन हेल्प:

यदि आपको लगने लगा है कि आप अपने तंबाकू छोड़ने के लक्ष्य से भटक रहे हैं या पूरा नहीं कर पाएंगे तो इंटरनेट पर लोगों की कहानियां पढ़े जिन्होंने अपनी इस लत पर काबू पाया। हो सकता है इस दौरान आपको कोई नया नुस्का मिल जाए।

10. फायदों को याद करते रहें:

इस पूरे काल के दौरान आप उन सभी फायदों को याद करते रहे जो आपको तंबाकू छोड़ने के बाद मिलेंगे। जैसे बेहतर स्वास्थ्य, अपनों का ज़्यादा साथ और प्यार व पैसों की बचत। ये सभी बातें आपको प्रोत्साहित करेंगी और आपका दृढ़ निश्चय बना रहेगा।

कुछ महत्वपूर्ण बातें

  • नशा छोड़ने का निश्चय दृढ़ संकल्प के साथ करें।
  • नशे की लत धीरे-धीरे छोड़ी जाती है।
  • अपने सभी साथियों को इस लक्ष्य के बारे में बता दें, ताकि कोई आपको नशा करने के लिए बाध्य ना करें।
  • डायरी में लिखे कि किस बात ने आपको इस चीज़ के लिए प्रेरित किया और आप कितनी मात्रा में नशा किया करते थे।
  • अपने पास किसी भी प्रकार का तंबाकू उत्पाद एवं माचिस रखना छोड़ दें।
  • खानपान एवं जीवनशैली में सुधार करें।
  • थोड़ी मात्रा में सौंफ और उतनी ही मात्रा में अजवायन लेकर तवे पर भूने, थोडा नींबू का रस एवं हल्का काला नमक डाल कर एक डब्बी में रखें। जब भी तलब लगे तो कुछ दाने मुंह में रख लें एवं चबाते रहे इससे तलब कम होगी और अपच व एसिडिटी में आराम मिलेगा।
  • गुनगुने पानी मे नींबू का रस एवं शहद डालकर पीना तलब को कम करता है तथा नशे के विषाक्त तत्वों को शरीर से बाहर निकालता है। यह एक तरह से आपके शरीर को डिटॉक्स करने प्रक्रिया होगी।
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तम्बाकू छोड़ने के फायदे:

तंबाकू छोड़ने के फायदे भी बहुत सारे हैं। विश्व स्वास्थ संगठन के अनुसार, गुटखा-तंबाकू छोड़ने का असर आपकी सेहत पर जल्दी ही दिखने लगता है। सिगरेट छोड़ने के महज 12 घंटे के भीतर रक्त में कार्बन मोनोक्साइड का स्तर घटकर सामान्य स्तर पर आ सकता है।
2 से 12 सप्ताह में खून का दौरा सामान्य हो जाएगा और आपके फेफड़े से ठीक से काम कर सकेंगे।
अगर आपको सांस व खांसने की लंबे समय से शिकायत है तो 1 से 9 महीने के अंदर यह समस्या दूर हो सकती है।
कैंसर का खतरा 50 फीसदी कम हो सकता है इसलिए सिगरेट या तंबाकू से बने अन्य उत्पादों के सेवन की आदतों को जितनी जल्दी छोड़ सकें उतना बेहतर होगा।