आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में डिप्रेशन होना एक आम बात है। दुनियाभर में ज्यादातर लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं। आमतौर खराब जीवनशैली, बुरी आदतें एवं सेहत के प्रति लापरवाह होने के कारण व्यक्ति बहुत जल्दी ही डिप्रेशन की चपेट में आ जाता है। इस आर्टिकल में हम आपको डिप्रेशन से निपटने के उपाय बताने जा रहे हैं।

डिप्रेशन क्या है ?

डिप्रेशन मनोदशा से जुड़ी एक समस्या है जिसमें व्यक्ति अधिक दुख, निराशा, चिंता एवं तनाव का अनुभव करता है। इसके कारण व्यक्ति के सोचने, समझने एवं महसूस करने क्षमता तो प्रभावित होती ही है, साथ में उसे भावनात्मक एवं शारीरिक समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है। लोगों को अलग अलग तरीकों से डिप्रेशन का अनुभव होता है जिसके कारण उनके रोजमर्रा के कार्यों पर इसका असर पड़ता है और उनकी प्रोडक्टिविटी घटती है। डिप्रेशन के कारण रिश्ते खराब होते हैं एवं अक्सर लोगों को शराब सिगरेट की बुरी लत भी लग जाती है। आज के समय में डिप्रेशन एक आम समस्या है। हालांकि इसे दवाओं एवं साइकोथेरेपी से ठीक किया जा सकता है।

क्यों होता है डिप्रेशन

डिप्रेशन का कोई एक सटीक कारण नहीं है। चूंकि यह एक मानसिक समस्या है इसलिए यह कई चीजों पर निर्भर करती है। हालांकि डिप्रेशन के पीछे जैविक कारक एवं विभिन्न परिस्थितियां भी जिम्मेदार होती हैं। डिप्रेशन के कुछ सामान्य कारण निम्न हैं

  • डिप्रेशन आनुवांशिक कारणों से भी होता है। यदि आपके परिवार का कोई सदस्य पहले डिप्रेशन से पीड़ित रहा हो तो आपको भी डिप्रेशन की समस्या हो सकती है।
  • जैविक, भावनात्मक एवं पर्यावरणीय कारक भी डिप्रेशन पैदा करते हैं।
  • शरीर में हार्मोन के असंतुलन के कारण डिप्रेशन होता है।
  • गर्भावस्था, मेनोपॉज एवं थॉयराइड के कारण भी अवसाद हो सकता है।
  • जीवन में प्यार की कमी के कारण
  • भविष्य एवं करियर की चिंता के कारण
  • वैवाहिक जीवन बेहतर न होने के कारण।
  • काम का अत्यधिक दबाव होने के कारण
  • किसी डर, चिंता या तनाव के कारण
  • काम को समय पर पूरा न कर पाने के कारण
  • किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित होने के कारण
  • जीवन में असफल होने के कारण

डिप्रेशन के लक्षण

डिप्रेशन से पीड़ित व्यक्ति के अंदर विभिन्न प्रकार के लक्षण दिखायी देते हैं। कुछ लोगों में ये लक्षण हल्के तो कुछ लोगों में बेहद गंभीर हो सकते हैं। ये लक्षण व्यक्ति की मनोदशा पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं जिसके कारण रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित होती हैं। डिप्रेशन से ग्रसित व्यक्ति अक्सर बिना किसी कारण के अधिक दुखी एवं निराशा का महसूस करता है। डिप्रेशन के मुख्य लक्षण निम्न हैं।

  • आक्रामक होना, चिड़चिड़ापन, गुस्सा, चिंता एवं बेचैनी महसूस होना।
  • अकेलापन लगना, दुखी और निराश होना
  • अत्यधिक मादक पदार्थों, धूम्रपान एवं एल्कोहल का सेवन
  • जल्दी थक जाना
  • आत्महत्या करने का ख्याल आना
  • एकाग्र न हो पाना
  • यौन इच्छा में कमी
  • यौन उत्तेजना न होना
  • भूख न लगना
  • रात में नींद खुल जाना
  • अंधेरा पसंद होना
  • अत्यधिक पसीना होना
  • अधिक सोना
  • किसी से बात करने का मन न होना
  • नकारात्मक विचार आना
  • निर्णय न कर पाना
  • नींद न आना

किस उम्र के लोगों को ज्यादा होता है डिप्रेशन

डिप्रेशन किसी भी उम्र में और किसी भी व्यक्ति को हो सकता है। आमतौर पर माना जाता है कि जब किसी भी व्यक्ति में सोचने, समझने और जिम्मेदारी उठाने की क्षमता विकसित हो जाती है तो वह डिप्रेशन की चपेट में आ सकता है। बच्चे, वयस्क, बूढ़े एवं महिलाएं अपने जीवन के किसी भी पड़ाव पर डिप्रेशन से ग्रसित हो सकते हैं। हालांकि हर उम्र के लोगों में डिप्रेशन की प्रकृति अलग होती है और यह अलग अलग तरीकों से प्रभावित करता है।

डिप्रेशन से निपटने के आसान तरीके

यह एक ऐसी समस्या है जिसे बहुत आसानी से ठीक किया जा सकता है। मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि डिप्रेशन बहुत लंबे समय तक नहीं बना रहता है बल्कि एक स्थिति ऐसी आती है जब इसके लक्षण तो रहते हैं लेकिन तीव्रता कम हो जाती है। जीवनशैली में बदलाव, उचित खानपान एवं एक स्वस्थ दिनचर्या अपनाकर डिप्रेशन से बहुत आसानी से निपटा जा सकता है।

खुद को व्यस्त रखें

लक्ष्यहीन व्यक्ति अक्सर डिप्रेशन का शिकार हो जाता है। इसलिए अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित करें और उसे पूरा करने के लिए पूरी मेहनत से जुट जाएं। जब आप अपने काम में व्यस्त रहेंगे तो आपके मस्तिष्क में फालतू विचार नहीं आएंगे। इससे आप अपनी मंजिल पाने में तो कामयाब होंगे ही साथ में आपको डिप्रेशन भी नहीं होगा। आप चाहें तो खाली समय में अपने शौक पूरा कर सकते हैं या फिर जो भी काम आपको पसंद हो, उसमें खुद को व्यस्त रख सकते हैं।

पर्याप्त नींद लें

नींद न आने के कारण डिप्रेशन होना स्वाभाविक है। इसलिए रात को जल्दी सोएं और पर्याप्त नींद लें। डिप्रेशन से बचने के लिए आपको रोजाना सात से आठ घंटे सोना चाहिए। अगर आपको नींद नहीं आ रही है तो संगीत सुनते हुए सोने की कोशिश करें। अगर अनिद्रा की गंभीर समस्या हो तो डॉक्टर से परामर्श लें।

मेडिटेशन एवं एक्सरसाइज करें

डिप्रेशन से छुटकारा पाने के लिए मेडिटेशन एवं एक्सरसाइज सबसे अच्छा विकल्प है। प्रतिदिन सुबह जल्दी उठें और शांत वातावरण में बैठकर मेडिटेशन एवं एक्सरसाइज करें। एक्ससाइज करने से शरीर में रक्त का प्रवाह बेहतर तरीके से होता है और मेडिटेशन मन को शांत रखने का कार्य करता है। जिसके कारण डिप्रेशन कम होता है।

लोगों से मिलें

डिप्रेशन एक ऐसी समस्या है, जिससे उबरने के लिए आपको लोगों के बीच रहना बहुत जरुरी है। आप जितना ही लोगों से कटकर एवं अकेले रहेंगे, यह समस्या उतनी ही बढ़ेगी। इसलिए लोगों से मिलें, बातें करें, घूमें, टहलें, बच्चों के साथ खेलें या फिर जो भी लोग आपको पसंद हों, उनके बीच रहने की कोशिश करें। इस तरह आप बहुत जल्दी डिप्रेशन से उबर सकते हैं।

अधिक न सोचें

मस्तिष्क में जितनी अधिक नकारात्मक बातें आती हैं, डिप्रेशन उतना ही अधिक बढ़ता है। इसलिए अधिक न सोचें और परिस्थितियों से जूझने की कोशिश करें। याद रखें, अधिक सोचना किसी भी समस्या का समाधान नहीं है, इसलिए किसी भी चीज के बारे में सोचने या चिंता करने की बजाय उसका समाधान निकालें, इससे काफी हद तक आप डिप्रेशन से बाहर निकल जाएंगे।

उम्मीद है ऊपर बताए गए तरीके आपको डिप्रेशन से निपटने में मदद करेंगे। इन तरीकों को अपनाने के बाद भी अगर डिप्रेशन की समस्या में कोई सुधार नहीं होता है तो जल्द से जल्द किसी मानसिक रोग विशेषज्ञ से सलाह लें।