ई-सिगरेट या इलैक्ट्रॉनिक सिगरेट को एक ऐसे डिवाइस के तौर पर लोगों के बीच पेश किया गया, जिससे उनकी तंबाकू वाली सिगरेट पीने की लत छूट सके। तंबाकू वाली सिगरेट के सेवन से हमारे स्वास्थ्य पर कई दुष्प्रभाव पड़ते हैं और हम कई तरह की बीमारियों का शिकार बन जाते हैं। ई-सिगरेट को इसके विकल्प के तौर पर पेश किया गया और बहुत कम समय में ही इसका लोगों द्वारा सेवन किया जाने लगा। वर्तमान में ई-सिगरेट पुरुष, महिलाएं और यहां तक की टीनेजर भी इसका सेवन करते हैं। लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या वाकई ई-सिगरेट तंबाकू वाली सिगरेट का विकल्प है और उसकी लत छुड़वा सकती है। इस बात को जानने से पहले ई-सिगरेट के बारे में थोड़ा जान लेते हैं।

1. क्या है ई-सिगरेट ?

ई-सिगरेट को पर्सनल वेपोराइजर भी कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि यह पारंपरिक सिगरेट की जगह धुआं नहीं वेपर, यानि भाप पैदा करती है। यह एक बैट्री से चलने वाला डिवाइस होता है। इस डिवाइस के अंदर तरल केमिकल पदार्थ होते हैं। इन तरल पदार्थ में तरल निकोटीन पदार्थ भी होता है, जिसे किसी फ्लेवर के साथ मिलाया जाता है।

2. कैसे काम करती है ई-सिगरेट

ई-सिगरेट के 5 हिस्से होते हैं
माउथपीस
रिचार्जेबल बैट्री
ऑटोमाइज़र
सेंसर
निकोटीन मिश्रित तरल केमितल पदार्थ

जैसे ही व्यक्ति ई-सिगरेट के माउथपीस पर मुंह रखकर सांस लेता है तो, सेंसर एक्टिव हो जाता है। सेंसर के एक्टिव होने से ऑटोमाइज़र को संकेत मिलता है कि वह केमिकल पदार्थ को भाप में बदले। तरल केमिकल पदार्थ में निकोटीन, फ्लेवर और अन्य केमिकल पदार्थ मौजूद होते हैं। भाप में बदल जाने के बाद वह माउथपीस द्वारा ही सेवन करने वाले व्यक्ति के मुंह तक पहुंचते हैं।

इस ई-सिगरेट की बैट्री रिचार्जेबल होती है। तरल केमिकल पदार्थ खत्म हो जाने पर उन्हें दोबारा भरा जा सकता है। इसके अलावा मार्केट में डिस्पोजेबल ई- सिगरेट भी मौजूद हैं जो खत्म हो जाने के बाद फेंकी जा सकती हैं। इसके सेवन से व्यक्ति को तंबाकू वाली सिगरेट पीने जैसा ही अहसास होता है।

3. ‘धूम्रपान से कैंसर होता है’

जिस सिगरेट के  पैकेट के ऊपर साफ-साफ लिखा हो कि इसके सेवन से कैंसर होता है। उसके बाद भी लोग उसका भरपूर मात्रा में सेवन क्यों कर रहे हैं। इसकी वजह है तंबाकू वाली सिगरेट की लोगों में लत। जिस प्रकार कुछ लोगों को चाय की तलब रहती है, उसी प्रकार लोगों में सिगरेट की तलब भी पाई जाती है। ऑफिस में कई लोग बार-बार सिगरेट पीने के लिए बाहर जाते हैं। इस लत को छोड़ने के लिए भी कई लोग लगातार प्रयास करते हैं, उनके प्रयास सालों चलते रह जाते हैं, पर वे इस लत से छुटकारा नहीं पा पाते। तंबाकू वाली सिगरेट के सेवन से लोग कई  प्रकार की बीमारियों के भी शिकार होते है।

-तंबाकू वाली सिगरेट के सेवन से होने वाली बीमारियां:

  • मधुमेह टाइप-बी
  • फेफड़ो का कैंसर
  • उच्च रक्तचाप
  • स्ट्रोक
  • दिल का दौरा
  • मुंह का कैंसर
  • श्वास संबंधी समस्याएं· हड्डियों में कमजोरी

4. क्या ई-सिगरेट है कारगर उपाय?

तंबाकू वाली सिगरेट के सेवन से होने वाली बीमारियों और इसकी लत को दूर करने के समाधान के रूप में ई-सिगरेट का निमार्ण पहली बार 2003 में किया गया था और दावा किया गया कि यह सिगरेट की लत को छुड़वाने में मदद करती है।

इसका प्रचार-प्रसार इस प्रकार हुआ कि लोगों को लगने लगा कि वाकई यह चीज़ फायदेमंद है और जल्द ही इसका व्यापार व्यापक हो गया। लेकिन कुछ चीज़े थी जो वो भूल गए।

अब जब हम इसके बारे में जान चुके हैं कि ई-सिगरेट किस प्रकार काम करता है, और धूम्रपान से क्या-क्या समस्याएं हो सकती हैं। तो अब इस बात को भी जान लेते है कि आखिर यह हानिकारक क्यों है।

5. कहां है आखिर समस्या

लोगों का ध्यान इस बात पर नहीं गया कि जो तरल पदार्थ इसमें प्रयोग किए जा रहे हैं वह केमिकल हैं। यहां तक कि लोगों को जिस सिगरेट की लत लगती है उसकी वजह तंबाकू में मौजूद निकोटीन होता है। ई-सिगरेट में निकोटीन को तरल रूप में प्रयोग किया जाता है। यानि यह तो और भी ज़्यादा खतरनाक है लोगों के लिए, क्योंकि वे केमिकल के साथ तरल निकोटीन का सेवन कर रहे हैं। जिस चीज़ से वह छुटकारा पाना चाह रहे है वह चीज़ तो इस ई-सिगरेट में भी मौजूद है। यानि केवल सेवन का तारीका बदला, पर लत लगाने वाला पदार्थ नहीं।

ई-सिगरेट में टिन, निकोटीन, कॉपर, लेड, ड्राई एसेटाइल जैसे पदार्थ मौजूद रहते हैं। इन केमिकल का सेवन हर लिहाज के आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। दूसरा पहलू यह कि, ई-सिगरेट को जलाना और भुझाना दोनों ही जल्दी हो जाते हैं जबकि तंबाकू वाली सिगरेट के मामले में ऐसा नहीं है। यानि अगर आपको यहां पलभर का भी मौका मिलता है तो आप ई-सिगरेट का सेवन कर लेंगे क्योंकि यह आसान है।

कुल मिलाकर कहे तो एक चीज की लत छोड़ आप दूसरी लत के शिकार हो रहे हैं।